अतीत से क्या याद रखें ?और क्या भूलें!
#रचनाकार: जान्हवी मिश्रा#
हर किसी का कोई न कोई अतीत अवश्य होता है। बिना अतीत के वर्तमान और भविष्य का होना भी असंभव है और अतीत का हमारे जीवन पर अत्यंत गहरा प्रभाव पड़ता है। किसी का अतीत सुखद होता है तो किसी का बहुत ही दुखद। अतीत में घटी हुई घटनाओं से ही इंसान वर्तमान और भविष्य में कुछ अच्छा करने की सोचता है। मनुष्य अपने अतीत से सबक लेकर अपना जीवन संवारने की कोशिश करता है। चूंकि अतीत हम पर इतना गहरा प्रभाव डालता है, इसलिए यह जानना आवश्यक है कि अतीत की किन बातों को याद रखना चाहिए और किन्हें भुला देना चाहिए।पहले चर्चा करते हैं याद रखने योग्य बातों की। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है अतीत में हमारे द्वारा की गई गलतियां। हमें सदैव अपनी गलतियों से सीखना चाहिए और उन्हें न दोहराने का प्रयास करना चाहिए। इसके अलावा जब भी परेशान हों तो याद करना चाहिए कि पहले भी कभी ऐसी परिस्थिति आई थी और आप ऐसे ही व्यथित हुए थे परन्तु सब अच्छा हुआ और इस बार भी सब अच्छा ही होगा। इसके साथ ही अतीत की ऐसी बातों को भी याद करना चाहिए जो आपको कुछ अच्छा करने की प्रेरणा दें।
अब चर्चा का विषय हैं वे बातें जो हमें भूल जानी चाहिए। इनमें सबसे प्रमुख हैं अतीत में हमारे द्वारा प्राप्त की गई उपलब्धियां व सफलताऐं क्योंकि यदि हम उन्हें याद करेंगे तो शायद हममें घमंड पैदा हो जाए और घमंड हर किसी के लिए हानिकारक होता है। अगर उस सफलता से कुछ याद ही रखना है तो वह है उस सफलता को प्राप्त करने हेतु की गई मेहनत जो हमें और भी अच्छा करने के लिए प्रेरित करेंगीं। साथ ही साथ बार-बार परेशान करने वाली बातों को भी भुला देना चाहिए।कुल मिलाकर अतीत से कुछ सीखने से पहले यह जानना आवश्यक है कि उससे करता ग्रहण करना चाहिए और किन बातों को तुच्छ वस्तु के समान त्याग देना चाहिए। जो इन बातों को समझ गया वो जीवन का एक प्रमुख पाठ सीख गया। हमारा अतीत हम पर कैसे प्रभाव डालेगा, यह निर्धारित करना हमारे ही हाथों में है।
नाम: जान्हवी मिश्रा , कक्षा:११ बी, विद्यालय: सेन्ट जोसेफ्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल