"नारी तू महान"#रचनाकर साक्षी दुबे
तू सैलाब है समुंदर से भी भारी ,
तू ढक लेगी सारा संसार ए नारी||
तुझे क्या डर है तेरी मुट्ठी में तो सारा संसार है |
तू ही जननी, तू ही जगदंबा, तू ही कालरात्रि ,तू ही ममता की सागर , तू ही करुणा की सागर, तू ही काली असुर संगहारिणी||
तुझसे ही उत्पत्ति इस सृष्टि की और तू ही सताई जाए ए नारी||
है कौन सा विधान इस नियति का ,अग्नि परीक्षा भी तुझी से ली जाए|
तू महान है ए नारी तू खुद को ढाल लेती हर परिस्थिति में,
तुझसा मेधावी कोई नही,तू होती सफल जीवन की हर परीक्षा में, तुझसा संघर्षशील कोई नहीं !
तू सैलाब है समंदर से भी भारी तू ढक लेगी सारा संसार ए नारी||
.......... साक्षी दुबे कक्षा12A
सेंट जोसेफ सीनियर सेकेंडरी स्कूल सिसवा बाजार